Saturday, June 13, 2026

दोगले जानवर

रंग बिरंगे पंखों वाली तितलियाँ 

सौंदर्य का प्रतीक हैं 

इन्हें मारना बेरहमी और क्रूरता की निशानी है। 

इन्हीं तितलियों का बचपन यानी लार्वा 

बदसूरत और गंदा कीट । 

घिन आती है उसे देखकर भी । 

उसे मारने के लिए 

कीटनाशक ईजाद किए गयें हैं ।

इन्हें मारने के आर्गेनिक तरीकों पर  

रिसर्च हो रही है । 


किसी कॉकरोच को चप्पल से कुचल देना 

वीरता की निशानी हैं ।

पर किसी जुगनूँ को मार देना निर्मम हत्या है । 

अमानवीय हैं ।


चिड़ियाँ, मैना, गिलहरी जैसे जीव 

कितने सुंदर और मासूम हैं । 

इन्हें बचाने के लिए अभियान चलाए जा रहें हैं ।

वहीं कोवे अपने काले रंग 

और छिपकलियाँ अपनी बदसूरती की 

सजा भुगत रहें है ।


हम इंसानों की नैतिकता के पैमाने 

रंग और सौंदर्य देख कर तय होते हैं ।

हम इंसान दोगले जानवर हैं ।

@लोकेश ब्रह्मभट्ट ("मौन" लोकेश)

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