खुदा की किस क़दर इनायत है शुक्रिया अदा करो
हम और तुम उसी की बनावट है शुक्रिया अदा करो
ये जो दुख भरी जिंदगी है जिसका तुम्हें मलाल है
ये लाखों लोगों की इबादत है शुक्रिया अदा करो
ये जो तुम्हें मेरी हर बात से नाखुश रहने की आदत है
ये इश्क़ नहीं है ये शिकायत है शुक्रिया अदा करो
तुम्हें ये कैसा मलाल है की तुम्हें कुछ भी मिला नहीं
जो मिला वो खुदा की बरकत है शुक्रिया अदा करो
सेहत है घर बार है परिवार और दोस्त मयस्सर है
ये परवरदिगार की रहमत है शुक्रिया अदा करो
@लोकेश ब्रह्मभट्ट "मौन"
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