Sunday, September 6, 2026

कुछ तो दुश्मनी में भी लिहाज रख मेरा

कुछ तो दुश्मनी में भी लिहाज रख मेरा 

आख़िर तू दोस्त रहा है कईं बरस मेरा


उसके लिबास से ख़ुशबू मेरी ही आएगी 

वो बरसों तलक रहा है मोहतरम मेरा 


मुझसे दूर आख़िर तू  जाएगा कहाँ 

कहकशाँ तक फेला है दस्तरस मेरा 

©लोकेश ब्रह्मभट्ट ("मौन" लोकेश) 

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