Thursday, June 5, 2025

इश्क़ किया है

ख़ुद पे ही सितम किया इश्क़ किया है

जानते हुए ज़हर पिया इश्क़ किया है


वो डिग्रियाँ गिना रहा था तो मैनें पूछ लिया

वो सब तो छोड़ो मियाँ इश्क़ किया है ?


इतनी बड़ी सजा और इस गुनाह की

कोई क़त्ल नहीं किया इश्क़ किया है


अच्छा तो प्यार के बदले प्यार चाहते हो

अमा कोई सौदा नहीं किया, इश्क़ किया है ।


अल्फ़ाज़ की जरूरत ही नहीं इस शह में

आँखों से होती है बयाँ, इश्क़ किया है

© लोकेश ब्रह्मभट्ट "मौन"

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