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शुक्रिया अदा करो
खुदा की किस क़दर इनायत है शुक्रिया अदा करो हम और तुम उसी की बनावट है शुक्रिया अदा करो ये जो दुख भरी जिंदगी है जिसका तुम्हें मलाल है ये लाख...
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मैं इसलिए डरता हूँ कहीं जाने से मैं पर्दा रख पाता नहीं जमाने से खुली किताब हूँ मुझे पढ़कर लोग बाज आते नही मुझे सताने से मेरा चमन है मैंने इसे...
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तेरे बगैर भी जीना, कोई मुश्किल तो नहीं सब कुछ तो है वैसा ही, बस एक दिल तो नहीं तू नहीं तो क्या तेरी यादें तो बसर करती है ख़ाली हो चाहे घ...
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निगाहें फेर लेती हो तुम कमाल करती हो जब तुम मेरे होंठों के आगे गाल करती हो । एक नजर देख लो जिसको मुड़ कर तुम बेइंतहा ग़रीब को भी मालामाल ...